12.01.09
Hut n people of kutch
Kutch Carnival Prog. arrenged on 1st Dec. 2009 at Bhuj city of Kutch Dist. than after Ran Utsav Continued at Ran of kachchh
09.06.09
Tapkeswari Maataji Mandir, टपकेश्वरी माताजी
भुज से दक्षिण की और ५ माइल दूर भारापर से पास टपकेश्वरी माताजी का मंदिर एक सुन्दर जगह हैं जो कहा जाता है कि ४५० वर्ष पहले यहां कच्छ के तत्कालीन महारावश्री विजयरायजी ने बनवाया था !
सुना गया है कि उस समय माताजी ने दर्शन दिये थे तब वहा उनकी प्रतिमा के रुप मे स्थापित हो गई थी जो मुर्त आज भी मंदीर के बाये बाजु पुर्व मे यथास्थित है, और मंदिर के अंदर पुजा के लीए दोहरी स्थापित की गयी हैं !
टपकेश्वरी आने पर एक हिमाचल या उत्तर भारत के गढवाल का सा, होने जैसा आनंद महसुस होता है तथा यह रमणीय स्थल है ऐसा भी कह सकते है !
टपकेश्वरी मंदिर के पास ही सेकडो वर्षो पुराने कमरे दर्शनार्थीयो के रहने के लीये उस समय के कला को दर्शाते है !
मंदिर उत्तर भाग को छोड तीन तरफ से ढक्के पहाडो के बीच मे बना हुआ है, पश्चिम तरफ मे ऊपर की और छोटीसी गुफाऐं है साथ ऊपर के लीये चडाव का रास्ता भी वही से जाता है !
06.29.09
Dark morph-Beeding (દરિયાઈ બગલો)
06.25.09
Vasai Jain Tirth, Bhadreswar (वसई जैन तिर्थ)
वसई जैन तिर्थ(जैन मंदिर), भद्रेश्वर कच्छ, माना जाता है कि अंदाजतन २५०० वर्ष पुर्व निर्माण कीया गया था ! वर्ष २००१ के भुकम्प के दौरान मंदिर खन्डित हो गया, संपुर्ण संगमरमर का बना हुआ था, भुकंप में खंडित होने से मंदिर को संपुर्ण तोड.कर फिर से बनाने का कार्य पिछ्ले ४-५ वर्षो से तेजी से चल रहा है!
पुराने मंदिर की हि बांती नया कार्य और नक्षा ध्यान मे लीया गया है, द्वार से भितर जाने पर गर्भ मे भगवान महावीर की मुर्त के मुख के से दर्शन होते हुए दिखेगे, राजस्थान के लाल पत्थर व संगमरमर का इस्तेमाल और राजस्थान के कारीगरो द्वारा मंदिर का कार्य सुन्दर रुप से निर्माण किया जा रहा है!
यहां हाल के चल रहे नये कार्य में जैन मंदिरो मे का सुन्दर कला – कारीगरी का एक अदभुत दर्शन होता है!
वसई जैन तिर्थ से मुख्य रास्ते पर दक्षिण की ओर २-३ किलोमीटर के अंतर पर चोखन्डा महादेव मंदिर है, भुकंप ने इस मंदिर को भी नष्ट कर दिया उपरान्त मंदिर का निर्माण नया रुप देकर कीया गया ! गर्भ मे सुन्दर शिव लींग के दर्शन व सुन्दर लाल पत्थर से बना यह मंदिर एकांत सी जगह में आध्यात्मीक शांति प्रधान करता है!
04.03.09
Narayan Sarover
Narayan Sarover, originally uploaded by Lalwani Rajesh.

Temple at Narayan Sarover
कच्छ के वायव्य कोन में पश्चिम सीमा मे आया हुआ यह “नारायण सरोवर” तिर्थ एक प्राचिन स्थल है, यहां भारत के मसहुर सरोवरो मे से एक महान सरोवर था जो पुराणो मे नारायण सरोवर के नाम से जाना जाता था, श्री मद भागवत के अनुसार दक्ष प्रजापति के पुत्रो ने यहां तपस्या की थी, नारायण सरोवर गांव के नैत्रत्व मे भगवान आदि नारायण का मंदिर है जहां प्राचिन नारायण सरोवर के अवशेष डटे है एसा कहा जाता है!
04.01.09
Kachchh Museum
Kachchh Museum, originally uploaded by Lalwani Rajesh.

भुज का कच्छ म्युजीयम गुजरात का पुराना म्युजीयम है, १८७७ मे महाराव खेंगारजी-३ (तीसरे), द्वारा स्थापीत कीया गया था. महाराव खेंगारजी के समय यह सीर्फ निजी महेमानो के दर्शन के लीए ही था, भारत की आझादि के बाद सार्वजनिक दर्शन को खुल्ला कर दीया गया! म्युजीयम भुज के बीच सुन्दर हमीरसर तालाब के पास बना हैं! म्युजीयम मे १८वीं सदी और उससे भी पुरानी कलाक्रति और साथ २०वीं सदी तक की वस्तुओ को देखा जा सकता है, साथ कच्छ की जाति व समाज को दर्शाती पुतलाक्रुति भी देखने मिलती है!












